आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया: अगर आपकी भी यही हालत है तो इसे ज़रूर पढ़ें

Monthly expenses planning checklist with receipts, wallet and calculator. Flat style vector icon illustration.

आज के दौर में आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया वाली कहावत हर घर की कहानी है. सरकार हर वर्ष नया बजट ला रही है लेकिन हालत जस के तस है. निम्न वर्ग एवं उच्च वर्ग को कभी कोई फर्क नहीं पड़ता मरता है तो केवल माध्यम आय वर्ग.

ऐसे हालत में घर खर्च चलाना एक बड़ी चुनौती है.आपको बताते हैं बढ़ती मंहगाई में घरेलू खर्च को नियंत्रित करने के 5 फॉर्मूले…

फॉर्मूला नंबर 1:- हर महीने घरेलू खर्चों का लेखा-जोखा तैयार करना शुरू कर दीजिए. इससे न सिर्फ आपको फिजूलखर्च से मुक्ति मिलेगी, बल्कि आपकी घरेलू आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.

फॉर्मूला नंबर 2:- अपने लाइफ पार्टनर के साथ आप जॉइंट बैंक अकाउंट खुलवा सकते हैं. जॉइंट अकाउंट में घर खर्च के लिए सैलरी का एक हिस्सा रखना चाहिए. साथ ही, दोनों अपने-अपने पर्सनल अकाउंट का नियमित रूप से इस्तेमाल करें.

फॉर्मूला नंबर 3:- मौजूदा वक्त में क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर कई तरह के लाभ आते रहते हैं. सुनहरा मौका समझकर इनका पर्याप्त लाभ उठाएं.

फॉर्मूला नंबर 4:- ई-कॉमर्स वेबसाइट पर भी आए दिन ऐसे कई ऑफर्स आते हैं जिनका आप आसानी से लाभ उठा सकते हैं. इन ऑफर्स के जरिए ऑफ सीजन में भी आपको 50 से 60 प्रतिशत की भारी छूट मिल सकती है.

फॉर्मूला नंबर 5:- अधिकतर लोगों को शॉपिंग मॉल से खरीदारी करना ज्यादा रास आता है. मॉल में वे किसी भी चीज को मनमाने दाम पर खरीद लेते हैं. जबकि कई ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर वही चीज कम दाम में उपलब्ध होती है. इसलिए कुछ भी खरीदने से पहले वेबसाइट पर उसका प्राइज जरूर देख लें.

फॉर्मूला नंबर 6:- उन चीजों को ज़रूर पहचाने जो फिजूल है या जिनको नहीं खरीदने से आपकी ज़िन्दगी में कोई फर्क नहीं पड़ता हम कई बार घर में कई चीज़े खरीद कर रख लेते है जो की फ़िज़ूल है. उन चीज़ों को पहचान कर इस तरह की खरीदी करने से बचें.