प्रियंका गांधी ने शनिवार को 26 घंटे बाद धरना खत्म किया; कांग्रेस मृतकों के परिवार को 10 लाख रु. की मदद देगी

लखनऊ:

सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मुलाकात के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को 26 घंटे बाद धरना खत्म किया। वे शुक्रवार से मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठी थीं। प्रियंका ने लोगों से गोलीकांड की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मृतकों के परिवार को 10 लाख रु. की मदद देगी। पीड़ितों से मिलने के बाद मेरा मकसद पूरा हुआ।

बुधवार को सोनभद्र में गांव के मुखिया और उसके समर्थकों ने आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया था। विरोध करने पर 10 आदिवासियों को मार दिया गया। यह मामला घोरवाल जिले में यह 90 बीघा विवादित जमीन का था। डीएम अंकित अग्रवाल ने कहा है कि इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए धारा 144 लागू है। ऐसे में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के आने पर प्रतिबंध है। हत्याकांड के बाद 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार ने 10 में से 8 परिवारों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा दिया।

‘मुश्किलें नहीं सहेंगी तो संघर्ष कैसे करेंगी’

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- यह (सोनभद्र हत्याकांड) कांग्रेस के समय का ही पाप है जो उजागर हो रहा है। हमने तो अभी ही कांग्रेस को हराकर भेजा है। हमें डर क्यों लगेगा? बताया गया कि गेस्ट हाउस में बिजली-पानी कट गया था। हालांकि प्रशासन की तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। अगर ऐसा हुआ भी तो इतनी सी मुश्किलें नहीं सह पाएंगी तो संघर्ष कैसे करेंगी।

प्रियंका ने पुलिस से पूछा- मुझे रोक क्यों रहे हैं?

प्रियंका सोनभद्र जाकर लोगों से मिलना चाहती थीं, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने शुक्रवार को उन्हें मिर्जापुर के नारायणपुर गांव में ही रोक लिया था। बाद में प्रियंका को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया। इसके बाद प्रियंका ने कहा- गेस्ट हाउस में मुझे 24 घंटे हो गए। क्या उनका (सरकार) का एक भी आदमी आया। मैं प्रशासन से यही कहना चाहती हूं वे जहां चाहें (सोनभद्र या वाराणसी) पीड़ितों के परिजन से मुलाकात करवाएं। प्रियंका ने पुलिस से पूछा- आखिर रोक क्यों रहे है। कोई तो वजह होनी चाहिए। कोई दस्तावेज दिखाइए।