मानसून सत्र के पहले दिन सदन में तीन दिवंगत नेताओं के साथ CM की माता को दी गई श्रद्धांजलि, विधानसभा का सत्र आज से शुरू….

रायपुर:

मानसून सत्र के पहले दिन सदन में दिवंगत नेताओं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता जी को श्रद्धांजलि दी गयी। सदन में नक्सली हमले में मारे गए दंतेवाड़ा के बीजेपी विधायक भीमा मंडावी, अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व विधायक संतोष अग्रवाल, बलराम सिंह ठाकुर के कार्यों को याद किया गया। श्रद्धांजलि देते हुये मुख्यमंत्री भूपेश ने तीनों नेताओं के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि यह मेरी व्यक्तिगत क्षति है। सीएम भूपेश बघेल ने दिवंगत नेताओं के साथ बिताए गए पलों को याद भी किया।

पूर्व मुख्यमंन्त्री डॉ रमन सिंह ने मुख्यमंन्त्री भूपेश की माता जी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने दिवंगत संतोष अग्रवाल को लेकर कहा कि उनका चले जाना छतीसगढ़ के लिए अभूतपूर्व क्षति है। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। भीमा मंडावी एक ऐसे शख्स थे जो दुस्साहसी थे। वैसे ही महेंद्र कर्मा भी दुस्साहसी थे। दोनों ही नक्सलवाद के खिलाफ हमेशा से ही काम किया है। उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

भाजपा विधायक ब्रिजमोहन अग्रवाल ने कहा दाऊ संतोषकुमार, भीमा मंडावी और बलराम सिंह ठाकुर इन तीनो के साथ मैने काम किया है। भीमा मंडावी को आज हमारे साथ यहां होना चाहीये था। कब तक हम ऐसे श्रद्धांजलि देते रहेंगे। सदन को इसपर विचार करना चाहिए। बलराम सिंह ठाकुर महामाया के उपासक ऐसे व्यक्ति का चला जा छतीसगढ़ के लिए छाती है। मुख्यमंन्त्री जी की माता जी का चला जाना दुखद है। खासकर ऐसी मां जिनका बेटा मुख्यमंन्त्री है। उनका चला जाना बेहद दुखद है।

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा भीमा मंडावी मेरे बाजू में ही बैठते थे। आदिवासियों के लिए विशेषकर दक्षिण बस्तर के आदिवासियों के लिए उनकी समस्याओं का उनकी कठिनाइयों का उनका निराकरण करने के लिए सच्चे और कर्मठ आदिवासी नेता थे। अजीत जोगी ने तीनों नेताओं को सदन में  श्रद्धांजलि दी।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि देते हुए भीमा मंडावी के साथ बिताए गए पल को याद किया और कहा कि भीमा मंडावी ने पूरे दंतेवाड़ा जिले को नई पहचान दी है दंतेवाड़ा ने प्रगति की है। उनके प्रतिनिधित्व में, भीमा निडर थे नक्सलियों के खिलाफ सीना तान कर पूरे इलाके में काम किया। भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।

विधायक अजय चंद्राकर ने कहा भीम मंडावी मेरे पीछे ही बैठते थे। राष्ट्र विरोधी विचारधाराओं के खिलाफ लड़ने वालों का हमारे बीच रहना बहुत ज़रूरी है। भाजपा सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने कहा तीनों सख्शियतों के साथ मुझे काम करने का अवसर मिला।

संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने कहा तीनों को याद करते हुए एक आम छत्तीसगढ़िया की निश्छल भावना सामने आती है। हंसते हुए हर बात को कहने की आदत भीमा मंडावी में थी। बेहद सहज सरल स्वभाव के थे। बहुत बड़ी समस्या से हमारा छत्तीसगढ़ ग्रसित है, नक्सलवाद पर हमने क्लोजडोर मीटिंग की। आज भी हमारी चिंता है। कब तक हम लोगों को अपने नेताओं को खोना पड़ेगा। कब तक बस्तर की धरती खून से लाल होगी. नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और भीमा मंडावी जैसे नेताओं को हमने खो दिया। ठाकुर बलराम सिंह का व्यक्तित्व सभी के लिए आत्मीयता लिए होता था। बहुत सरल सहज स्वभाव था उनका। तीनों का चले जाना सबके लिये बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता के निधन से भी हम सभी दुखी हैं. भूपेश बघेल के स्वभाव में जो अक्खड़पन, संघर्ष का माद्दा और प्रदेश के विकास की जो ललक है वह उनकी माता के संस्कारों का परिणाम है। उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।