सौजन्यता | अस्पताल में 100 बच्चों को भर्ती करने की जगह नहीं थी, कलेक्टर ने अपने बंगले पर रुकवाकर कराया इलाज

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सीधी (मध्य प्रदेश):

मध्य प्रदेश के सीधी में बुधवार को 100 से ज्यादा एनीमिया (खून की कमी) पीड़ित बच्चे जिला अस्पताल पहुंच गए। लेकिन, अस्पताल में बच्चों को भर्ती करने की जगह नहीं थी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी सूचना कलेक्टर अभिषेक सिंह को दी। कलेक्टर ने उन सभी बच्चों को परिजनों के साथ अपने आवास पर बुला लिया। वहां बच्चों और परिजनों के ठहरने और खाने की व्यवस्था कराई। कलेक्टर ने गुरुवार को डॉक्टरों को बंगले पर बुलाकर ही बच्चों का इलाज कराया।

कलेक्टर की इस दरियादिली की मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सराहना की। उन्होंने ट्वीट कर कहा “सीधी में दस्तक अभियान के तहत बड़ी संख्या में इलाज कराने आए एनीमिक बच्चों और उनके परिजनों को जिला अस्पताल में जगह कम पड़ने से अपने बंगले पर ले जाकर ठहराना और उनके खाने-पीने का इंतजाम करना वाकई काबिलेतारीफ है।”

सीधी में मिले 830 एनीमिया पीड़ित बच्चे

दस्तक अभियान में अब तक जिले में 830 बच्चे एनीमिया पीड़ित बच्चे मिले हैं। इन बच्चों का अस्पताल में खून चढ़ाया (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) किया जाना है। कलेक्टर ने बताया कि दस्तक अभियान में प्रत्येक गंभीर एनीमिक बच्चे का ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया जाएगा। बच्चे को अस्पताल लाने, ब्लड ट्रांसफ्यूजन करने, रुकने, भोजन तथा वापस घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

दो दिन के भीतर 800 से अधिक एनीमिक बच्चे आए हैं। ब्लड ट्रांसफयूजन के बाद 25 से 30 बच्चे बचे हैं। बाकी बच्चों को जिला अस्पताल, निजी अस्पताल और मानस भवन में रखा गया है। बुधवार को सिहावल क्षेत्र से सौ से अधिक बच्चे आ गए, उन्हें रखने के लिए स्थान नहीं था। मैंने बंगले में रुकने की व्यवस्था की है। इलाज के बाद इन्हें घर वापस छोड़ा जाएगा।

अभिषेक सिंह, कलेक्टर सीधी