3 खाद फैक्ट्रियों पर छापा, स्टॉक जब्त; बनाने और बेचने पर भी रोक

रायपुर:

भनपुरी, उरला और महासमुंद में तीन खाद फैक्ट्रियों पर छापा मारा गया। इनका स्टॉक जब्त कर लिया गया है और फैक्ट्रियों में खाद बनाने और बेचने पर भी रोक लगा दी गई है। कार्रवाई सोमवार को कृषि विभाग के उड़नदस्तों द्वारा की गुई। हाल ही में राजनांदगांव में भी कृषि विभाग ने एक फैक्ट्री पर कार्रवाई की थी। जिन फैक्ट्रियों में छापा मारा गया उनमें गड़बड़ी की शिकायत कृषि मुख्यालय पहुंची थी। इसके बाद कृषि संचालक के निर्देश पर तीन अलग-अलग टीमों ने एक साथ छापेमारी की। तीनों फैक्ट्रियों से खाद के सैंपल ले लिए गए हैं। अब इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने पर आगे कार्रवाई होगी।

इनके यहां हुई छापेमारी

  • भनपुरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित माधव एग्रो केम- छापा मारने गई टीम को गोदाम में ही गंदगी मिली। इस वजह से वहां रखे गए खाद के स्टॉक में गुणवत्ता खराब होने की आशंका से कार्रवाई की गई।
  • उरला स्थित अल्फा बायो प्रोडक्ट- मजदूरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ के साथ बिना लाइसेंस बोरान की पैकिंग करने का खुलासा हुआ है। वहां काम कर रहे मजदूर न तो मास्क लगाए थे, न हाथों में ग्लव्ज पहने थे। नवंबर 2018 के बाद मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं किया गया। कीटनाशक के जहरीले प्रभाव को नष्ट करने वाला एंटीडोज भी यहां नहीं था। फैक्ट्री में एंटीडोज का लाइसेंस नहीं था। केंद्र सरकार से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी नहीं मिला।
  • महासमुंद के बिरकोनी स्थित तुलसी फास्फेट लिमिटेड- फैक्ट्री व विक्रय परिसर की जांच में उर्वरक आदेश 1985 का उल्लंघन पाया गया। इसके आधार पर 21 दिन के लिए निर्माण पर रोक लगा दी गई है। फैक्ट्री प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस बीच संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश में 8.23 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक किया गया है। किसानों को 4 लाख मीट्रिक टन खाद का बंट चुकी है। इसी तरह 7.74 लाख क्विंटल बीज का स्टॉक है, करीब 6 लाख क्विंटल बीज बंट चुका है। राज्य में 10.50 लाख मीट्रिक टन खाद भंडारण का लक्ष्य है।