मोमोज खाते ही 50 साल के व्यक्ति की मौत, विंड पाइप में खाना था फंसा, डॉक्टरों ने दी ये चेतावनी

नई दिल्ली: खाना शरीर के लिए आवश्यक है लेकिन खाने की किसी भी चीज से जान का जोखिम बढ़ सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आपको पता हो कि क्या खाना चाहिए और किस तरह से खाना चाहिए। खाते समय अक्सर हम कुछ ऐसी गलतियां या लापरवाहियां कर जाते हैं तो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। हाल ही में दिल्ली एम्स में एक मामला आया, जिसमें मोमोज खाने से एक शख्स की मौत हो गई। 50 साल के व्यक्ति ने शराब पी रखी थी, उसने मोमोज खाए और कुछ ही पल में जमीन पर गिर पड़ा। हॉस्पिटल में उसकी मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि विंड पाइप में मोमोज फंसने के कारण उसकी मौत हुई है। मोमोज सेहत के लिए हानिकारक है लेकिन गलत तरीके से मोमोज खाना ज्यादा खतरनाक है। इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जानें कि मोमोज खाने से किसी की मौत क्यों और कैसे हो सकती है? खाते समय क्या सावधानियां बरतें और कैसे करें बचाव?

मोमोज से मौत की वजह?
शारदा अस्पताल के सीनियर रेसिडेंट, इंटरनल मेडिसिन डॉ. श्रेय श्रीवास्तव ने बताया कि खाते समय अगर आपका पोश्चर अच्छा नहीं है तो कोई भी खाना आपके विंड पाइप में फंस सकता है। जैसे अगर आप खाने को लेट कर खा रहे हैं जो वह आपके गले में फंस सकता है। ऐसा जरूरी नहीं कि सिर्फ मोमोज या मैदे से बनी चीजें ही खाने से विंड पाइप में खाना फंस सके। अक्सर कुछ खाते समय गले से खाना सरक जाता है, या अचानक खाने के दौरान खांसी आने लगती है। यह वही स्थिति होती है, जब खाना विंड पाइप में चला जाता है। खाने के कारण मौत की एक बहुत बड़ी वजह अक्यूट गेस्ट्रोराइजिन की समस्या हो सकती है।

विंड पाइप में खाना फंसने की स्थिति
खाने को गलत तरीके से खाने, चबाकर सही से न खाने के कारण विंड पाइप में खाना फंस जाता है। लेकिन डाॅ. श्रेय श्रीवास्तव ने इसकी अन्य स्थिति के बारे में बताया कि कई लोगों को फूड प्वाइजनिंग की समस्या हो जाती है। गले में खाना फंस सकता है, लेकिन साथ ही खाने के कारण फूड प्वाइजनिंग होने से रिएक्शन हो गया हो। जिसकी वजह से इडिमा हो गया हो। लोकल मार्केट में मोमोज, चिकन आदि चीजों को बहुत ही अनहाइजीनिक तरीके से बनाया जाता है। अक्सर इस तरह के फूड में लोग उन चीजों का इस्तेमाल करते हैं तो हाइजेनिक और खाने योग्य नहीं होता। इससे फूड प्वाइजनिंग की समस्या हो जाती है। आज के समय में बहुत से ऐसे मरीज आते हैं, जो बाहर का ऐसा ही खाना खाते हैं और इससे उन्हें फूड प्वाइजनिंग हो जाती है। फूड प्वाइजनिंग में ज्यादा उल्टियां आने से पेट के अंदर का खाना मुंह के रास्ते से बाहर आता है। ऐसे में खाने की जो चीजें पचीं नहीं होती है, या जो बेकार क्वालिटी का अंडाइजेस्टेबल फूड होता है। वह आपके विंड पाइप में भी जा सकता है। इस स्थिति को एस्पिरेशन निमोनिया कहते हैं।

फूड प्वाइजनिंग के लक्षण
-इसमें दिन में 6 बार से ज्यादा शौच जाना पड़े या तीन बार से ज्यादा उल्टी आए।
-अगर आपकी जीभ सूख रही हो और बार बार प्यास लगे।
-अगर 10 बार से ज्यादा आपको शौच जाना पड़े और 6 बार से अधिक वोमिट आए तो आपकी हालत गंभीर स्थिति में पहुंच जाती है। इससे किडनी पर असर पड़ता है और जान का जोखिम हो सकता है।
-बार बार शौच और उल्टी से डिहाइड्रेशन हो जाता है। शरीर में पानी की कमी इतनी ज्यादा हो जाती है कि मरीज का हृदय पूरे शरीर में खून को पंप नहीं कर पाता और इसके कारण मौत हो सकती है।

बचाव का तरीका और इलाज
-गर्मी में बाहर का खाना अवॉइड करना चाहिए। क्योंकि गर्मी बहुत ज्यादा है और खाने की सेल्फ लाइफ बहुत कम होती है। यानी जो आप खा रहे हैं वह नुकसानदायक हो सकता है और फूड प्वाइजनिंग की वजह बन सकता है।
-मोमोज में इस्तेमाल मैदा बहुत खराब होता है। वह कच्चा मैदा होता है, जो शाम तक खराब हो सकता है। धूप में रहने से वह दो चार घंटों में ही खराब होने लगता है। मैदा और खराब क्वालिटी का फूड, ये दोनों मिलकर आपके शरीर में टॉक्सिन बना सकती है।

-खराब और बेकार क्वालिटी का खाना खाने से आपको उल्टियां आने लगती है, जिससे एस्पिरेशन निमोनिया की स्थिति बन जाती है और खाना आपकी श्वास की नली में भी फंस सकता है।
-ऐसा खाना आपके शरीर में टॉक्सिन रिलीज करता है, जो एलर्जिक रिएक्शन को जन्म देता है, जिसकी वजह से भी श्वास की नली में दिक्कत आ सकती है।

-अगर किसी को फूड प्वाइजनिंग हो जाती है, तो सबसे पहले बहुत सारा पानी पीजिए।

-फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पहचान कर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।