RAPE CASE | DSP ने सरकारी आवास में नाबालिग को बनाया हवस का शिकार, चार साल बाद दर्ज हुई FIR, पत्नी ने ही दर्ज करायी शिकायत

पटना: बिहार के गया में डीएसपी पद पर तैनात रहे कमलाकांत प्रसाद के खिलाफ एक नाबालिग से कथित बलात्कार के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वह इस समय पटना में कॉन्स्टेबल केंद्रीय चयन बोर्ड में ओएसडी के पद पर तैनात हैं। पूरा मामला करीब चार साल पुराना है, जिसमें डीएसपी के खिलाफ 27 मई को एफआईआर दर्ज की गई।

पुलिस में ये मामला कोई और नहीं बल्कि उनकी पत्नी अनंत तनुजा खुद लेकर गईं। जिन्होंने रेप पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद ये फैसला लिया। वहीं एफआईआर के बाद कमलाकांत प्रसाद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आरोप है कि डीएसपी ने तीन साल पहले अपने सरकारी आवास में एक नाबालिग दलित लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया था। पीड़िता तीन साल तक मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने और पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटती रही।

एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक, साल 2017 में गया पुलिस हेडक्वार्टर में डीएसपी पद पर पोस्टेड कमलकांत प्रसाद ने कथित तौर पर एक 14 साल की नाबालिग का बलात्कार किया था। घटना उस समय हुई जब वह लड़की को गया से पटना में अपने घर पर घरेलू सहायिका के तौर पर काम कराने के लिए ले जा रहा था। खबर के मुताबिक पीड़ित नाबालिग ने पटना पहुंचकर अपनी आपबीती डीएसपी की पत्नी को बताई। अब 3 साल बाद लड़की का बयान दर्ज हुआ और आरोपी पुलिस अफसर के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। पीड़ित युवती ने मंगलवार को गया कोर्ट में बयान दर्ज कराया। जिसमें पीड़िता ने कोर्ट के समक्ष आरोप की पुष्टि की है। पीड़िता घटना के वक्त नाबालिग थी।

पॉक्सो की विशेष लोक अभियोजक कैसर सरफुद्दीन ने बताया कि गया के तत्कालीन डीएसपी (मुख्यालय) के खिलाफ आरोप है कि 2017 में उसने दशहरा के समय इमामगंज इलाके की एक नाबालिग लड़की से बलात्कार किया था। इस मामले को लेकर मंगलवार को पॉक्सो मामलों के विशेष जज नीरज कुमार के आदेश पर बयान दर्ज किया गया है।

पुलिस ने पीड़िता को न्यायिक दंडाधिकारी स्वाति सिंह की कोर्ट में पेश किया और वहां उसका बयान दर्ज किया गया है। पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि जिस समय उसके साथ यह घटना घटी थी। आरोपी डीएसपी गया पुलिस मुख्यालय थे। उसने डर और धमकी के साथ-साथ लोक लाज की वजह से घटना के संबंध में अपने परिवार को भी कुछ नहीं बताया था।