बंगाल में फिर चल रहा ममता का जादू, टीएमसी समर्थकों में जश्न का माहौल, बीजेपी के कई दिग्गज नेता चल रहे पीछे

कोलकाता: बंगाल में किसका चलने वाला है जादू? खेला होबे का बजेगा डंका या दीदी की विदाई? बंगाल में होगा पोरिबोर्तन या तीसरी बार ममता सरकार, असम में बीजेपी फिर सत्ता में आएगी या राहुल गांधी और बदरुद्दीन अजमल की जोड़ी करने जा रही कमाल।

तमिलनाडु में एआईएडीएमके को फिर सत्ता या पहली बार स्टालिन राज, केरल में लेफ्ट या कांग्रेस किसका चलेगा सिक्का। पुडुचेरी में कांग्रेस बचाएगी गढ़ या पहली बार खिलेगा कमल। आ गई फैसले की घड़ी। राज्य की सीएम ममता बनर्जी इस बार नंदीग्राम में अपने पूर्व सहयोगी और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।

एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला बीजेपी और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के बीच बताया जा रहा है। तमिलनाडु में डीएमके की जीत का अनुमान लगाया गया है, तो केरल में लेफ्ट पार्टी की अगुआई वाला एलडीएफ नतीजों से चैंका सकता है।

बंगाल के चुनावों में टीएमसी बड़ी जीत की ओर बढ़ चली है. रुझानों में टीएमसी की 200 से ज्यादा सीटें हो गई हैं, जबकि बीजेपी 90 से नीचे सिमटती दिख रही है.

यही नहीं बीजेपी के भी कई दिग्गज चेहरे पीछे चल रहे हैं। चुनाव में भगवा दल की हवा बनाने के लिए उतरे राज्यसभा सांसद रहे स्वप्न दासगुप्ता तारकेश्वर सीट से पिछड़ते दिख रहे हैं। शुरुआती रुझानों में तारकेश्वर सीट से स्वपन दासगुप्ता 3 हजार से ज्यादा वोटों से पिछड़ते दिख रहे हैं। तारकेश्वर सीट पर स्वपन दासगुप्ता की लड़ाई तृणमूल कांग्रेस के रामेंदु सिंहाराय से है।

तारकेश्वर विधानसभा सीट साउथ-वेस्ट बंगाल रीजन के हूगली जिले का हिस्सा है। उनके अलावा एक्ट्रेस से नेता बनीं लॉकेट चटर्जी भी पीछे चल रही है। नंदीग्राम की तरह ही पश्चिम बंगाल चुनाव में टॉलीगंज सीट भी काफी अहम है। इस विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो पीछे चल रहे हैं। शुरुआती दौर में वह आगे चल रहे थे, लेकिन फिलहाल वह पिछड़ रहे हैं।

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