नवजोत सिंह सिद्धू बने पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष, कैप्टन अमरिंदर को यह नियुक्ति स्वीकार्य नहीं, अब बढ़ेगा राजनीतिक पारा

नई दिल्ली:  पंजाब कांग्रेस में दबदबे को लेकर पिछले कई महीने से चल रहे सत्ता संघर्ष में फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू ने बाजी मारी ली है. पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें सूबे का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. 

सुनील जाखड़ प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी किए गए पार्टी सर्कुलर के मुताबिक पंजाब में सुनील जाखड़ को हटाकर नवजोत सिंह सिद्धू को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. उनके साथ संगत सिंह गिलजियां, सुखविंदर सिंह डैनी, पवन गोयल और कुलजीत सिंह नागरा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. 

सिद्धू की नियुक्ति ‘कैप्टन’ के लिए झटका

केसी वेणुगोपाल ने हटाए गए सुनील जाखड़ के कार्यों की सराहना की है. साथ ही पंजाब में कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए कुलजीत सिंह नागरा से सिक्किम, नागालैंड और त्रिपुरा के प्रदेश प्रभारी का पद वापस ले लिया है. चुनावों से पहले सिद्धू की पंजाब में हुई इस ताजपोशी को कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए झटका माना जा रहा है.

बताते चलें कि नवजोत सिंह ने पिछले दिनों दिल्ली में प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की थी. उसके बाद से ही उन्हें पार्टी का पंजाब अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा चल रही थीं. सिद्धू  को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में खुलकर नाराजगी जताई थी और कहा था कि चुनावों से पहले ऐसे किसी फेरबदल से पार्टी को राज्य में नुकसान होगा.

रावत से मुलाकात के बाद बदले ‘कैप्टन’ के सुर

इसके बाद पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत डैमेज कंट्रोल करने के लिए पार्टी की ओर से मैदान में उतारे गए. वे हेलीकॉप्टर से पटियाला पहुंचे, जहां उन्होंने करीब एक घंटे तक कैप्टन अमरिंदर सिंह से बातचीत की. इस मुलाकात के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के सुर बदले और उन्होंने कहा कि वे पार्टी आलाकमान के आदेशों का पालन करेंगे. 

सिद्धू कर रहे थे पार्टी नेताओं से मुलाकात

प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं के बीच सिद्धू पिछले दो दिनों से पंजाब में कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं से जाकर मुलाकात कर रहे थे. उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, सांसद प्रताप सिंह बाजवा समेत कई नेताओं से उनके घर जाकर मुलाकात की. इन सबके बीच पंजाब के 10 विधायकों ने अमरिंदर सिंह के समर्थन में एक बयान जारी कर कहा कि वह जनता के सबसे बड़े नेता हैं.

वहीं पार्टी सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने दिल्ली में अपने आवास पर पंजाब से आने वाले कांग्रेस के 9 सांसदों के साथ मुलाकात की. बैठक के बाद बाजवा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी नहीं है. उन्होंने कहा कि चुनाव मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर बाजवा ने कहा, ‘पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से किया गया कोई भी निर्णय सभी को स्वीकार्य होगा.’

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