VIRAL POST | बीच सड़क खड़े होकर पुलिसकर्मी बेच रहा था अपने बच्चे, मामले को जानकर लोगों का सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, यह चौंकाने वाला मामला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का है। इस वायरल क्लिप में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में व्यस्त सड़क के बीच में खड़ा चिल्ला रहा है, जिसके साथ दो बच्चे हैं। उनमें से एक करीब 6 साल का लग रहा है। वे परेशान और कंफ्यूज दिख रहे हैं। शख्स चिल्ला रहा है कि वह अपने बच्चों को 50 हजार (पाकिस्तानी रुपये) में बेच रहा है।

यह वीडियो निसार लशारी का है जो पाकिस्तान में सिंध प्रांत के घोटकी जिले के जेल विभाग में काम करते हैं! उनका वीडियो वायरल होने के बाद खबरों में छा गया, जिन्होंने पुलिसकर्मी की मजबूरी को दुनिया के सामने रखा कि कैसे वो अपने बच्चों को सकड़ पर बेचने को मजबूर हुआ!

पुलिसकर्मी निसार ने ‘वाइस’ को बताया, ‘मैं बड़ा ही लाचार महसूस कर रहा था।’ पुलिसकर्मी ने दावा किया कि उसका बॉस (सीनियर अफसर) छुट्टी देने के बदले रिश्वत मांग रहा था। दरअसल, शख्स को अपने बच्चे के इलाज के लिए अवकाश की जरूरत थी। हालांकि, जब वो बॉस को रिश्वत नहीं दे सका तो उसे छुट्टी भी नहीं दी गई और उसका तबादला शहर से करीब 120 किलोमीटर दूर लरकाना कर दिया गया।

शख्स ने आगे बताया, ‘उन्होंने मुझे ये सजा क्यों दी, क्या सिर्फ इसलिए कि मैं उन्हें रिश्वत नहीं दे सका? मैं बहुत गरीब हूं, इतना कि मैं कराची जाकर कारागार महानिरीक्षक से इसकी शिकायत भी नहीं कर सकता। यहां के लोग इतने ताकतवर हैं कि आमतौर पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। क्या मुझे रिश्वत देनी चाहिए थी या अपने बच्चे के ऑपरेशन का खर्च उठाना था? क्या मुझे लरकाना में काम करना था या फिर अपने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना था?

पुलिसकर्मी ने आगे कहा, ‘मेरा दिमाग सुन्न हो गया था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। इसलिए उन्होंने ये कदम उठाया। ऐसे समय में अपने हालात के अलावा मैं कुछ और नहीं सोच पा रहा था। लेकिन जब मैं पीछे देखता हूं तो मुझे हैरान नहीं होती कि यह वीडियो वायरल हो गया। यह सोशल मीडिया का दौर है, जिसमें खबर तेजी से फैलती है।

हालांकि, वीडियो का वायरल होना निसार के हित में रहा। क्योंकि उनकी कहानी ने सिर्फ पब्लिक का ही नहीं, बल्कि सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह का भी ध्यान खींचा। उन्होंने मामले में हस्तक्षेप किया, जिसके बाद निसार घोटकी की जेल में ही नौकरी पर बने रहे। साथ ही, उन्हें 14 दिन की छुट्टी दी गई ताकि वो अपने बच्चे का इलाज करवा सकें। पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर के मुताबिक, घोटकी जेल अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसकी पुष्टी निसार ने ‘वाइस वर्ल्ड न्यूज’ से की।

बता दें, यह वीडियो को ट्विटर यूजर ने 13 नवंबर को शेयर किया था। उन्होंने कैप्शन में बताया, घोटकी शहर के इस पुलिस अफसर को अपने बच्चे के इलाज के लिए छुट्टी नहीं दी गई और लरकाना तबादला कर दिया गया। दरअसल, छुट्टी लेने और अपने तबादले को रुकवाने के लिए पुलिसकर्मी से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। इंसानियत कहां हैं?