फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर बिलासपुर की युवती को प्रेम जाल में फंसाया | पहले युवती पर अब, युवक पर केस दर्ज – पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर बिलासपुर की युवती को पहले प्रेम जाल में फंसाया। उससे पैसे ऐंठा और दुष्कर्म भी किया

भिलाई / रायपुर : एक युवक पियूष तिवारी ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर बिलासपुर की युवती को पहले प्रेम जाल में फंसाया। उससे पैसे ऐंठा और दुष्कर्म भी किया। युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो गुमराह करने लगा। युवती की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपए भी मांगे. इतना ही नहीं जब युवती के परिवार ने आरोपी को चेतावनी दी तो उनपर मामला दर्ज करवाकर गिरफ्तार भी करवा दिया.इसके बाद जब युवती ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की तब जाकर पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस अब आरोपी पियूष तिवारी की तलाश कर रही है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिलासपुर की 27 साल की युवती के पिता सरकारी नौकरी में है। चार साल पहले वे अंबिकापुर में पदस्थ थे। जहां उसकी मुलाकात टिकरापारा के पियूष तिवारी से हुई। दोनों में दोस्ती हो गई। पियूष ने उसको शादी का झांसा दिया। वह खुद को रायपुर पुलिस में अधिकारी बताता था। वह कई बार वर्दी में युवती से मिलने भी आया। उसने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। पिछले साल युवती को पियूष की सच्चाई का पता चल गया कि वह पहले से शादीशुदा है। युवती ने बिलासपुर के एक कारोबारी से शादी कर ली। उसने ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। उसके पास युवती के कुछ फोटो और वीडियो थे। उसे सोशल मीडिया में शेयर करने की धमकी देने लगा। इधर आरोपी ने उल्टे मौदहापारा में युवती के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की शिकायत की। पुलिस ने केस दर्ज कर युवती और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया। उसने युवती को धमकी देकर बुलाया और दुष्कर्म किया। उससे पैसा भी ले लिया। इधर युवती ने भी शिकायत कर दी . शिकायत को पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान में लिया और जांच के बाद केस दर्ज कर लिया। आरोपी पीयूष पहले भी जेल जा चुका है। इससे पहले भी वह फर्जी पुलिस वाला बनकर घूम रहा था। कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, पहले युवती पर अब, युवक पर केस दर्ज

दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और ठगी के इस घटना से पुलिस के कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। पियूष तिवारी की शिकायत पर पिछले साल मौदहापारा के तत्कालीन टीआई राहुल तिवारी ने ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया था। युवती के परिजनों पर कार्रवाई की थी। इस मामले की वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की तो पियूष तिवारी को दोषी पाया और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया। एक ही घटना में दो कार्रवाई की गई। दोनों पक्षों में संगीन धारा में केस दर्ज किया गया है।