बिलासपुर-रायपुर हाईवे को लेकर हाईकोर्ट के तेवर सख्त; 15 अगस्त की सुबह तक लोगों को नेशनल हाईवे की सौगात मिल जानी चाहिये

बिलासपुर:

बिलासपुर-रायपुर हाईवे को लेकर हाईकोर्ट के तेवर सख्त हो गये हैं। आज हाईकोर्ट ने दो टूक कहा है कि 15 अगस्त की सुबह तक हर हाल में हाईवे का काम पूरा हो जाना चाहिये। इससे पहले एल&टी, पुंज लायर्ड और राज्य शासन ने अपना जवाब हाईकोर्ट में पेश किया। बिलासपुर से रायपुर तक बन रहे फोरलेन में लेटलतीफी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी है। उसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये निर्देश दिया है।

मई महीने में हुई सुनवाई में एक कंपनी पुंज एंड लॉयड ने आर्थिक परेशानियों का हवाला दिया था, वहीं एल&टी ने सिर्फ साढ़े 18 किलोमीटर काम बाकी होने की जानकारी देते हुए कहा था कि सीमेंट कमी की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। होईकोर्ट में दिये जवाब में कंपनियों ने आश्वस्त किया है कि 31 जुलाई तक कम पूरा हो जायेगा। आपको बता दें कि बिलासपुर से रायपुर तक फोरलेन के निर्माण के लिए 2015 में वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। तीन हिस्सों में काम के लिए ठेका दिया गया। एग्रीमेंट के मुताबिक ठेका कंपनियों को अप्रैल-मई 2018 तक काम पूरा करना था। हाईकोर्ट ने नवंबर 2017 में सुनवाई करते हुए 31 मई 2018 तक की डेडलाइन तय की थी।

हाईकोर्ट ने राज्य शासन को पर्याप्त सीमेंट मुहैया कराने के साथ ही कंपनी को 15 अगस्त तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि हर हाल में 15 अगस्त की सुबह तक लोगों को नेशनल हाईवे की सौगात मिल जानी चाहिये। पिछले 3 सालों में सुनवाई के दौरान समय पर  काम पूरा करने को लेकर हाईकोर्ट ने कई बार दिशा निर्देश जारी किए। मंगलवार को चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन और जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव की बेंच में सुनवाई।

अधिग्रहण मामले में 14 अगस्त तक मांगी रिपोर्ट

वहीं भूमि अधिग्रहण गड़बड़ी मामले में जाँच रिपोर्ट 14 अगस्त तक पेश करने का आदेश दिया गया है। रायपुर-बिलासपुर फोरलेन भूमि अधिग्रहण में मुआवजा वितरण में हुई गड़बड़ी को लेकर याचिका दायर की गयी है। मामले में पूर्व महाधिवक्ता गिल्ड़ा ने सरकार के खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में गिल्डा ने कहा था, कि राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से 40 करोड़ रुपये का मुआवजा 360 करोड़ तक पहुँच गया, जबकि ये पैसा टैक्सपेयर लोगों का है।  इस मामले में चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की. सुनवाई के बाद सरकार को नोटिस जारी कर 14 अगस्त तक रिपोर्ट पेश करने को कहा है.