रमन सिंह अपने ही भ्रष्ट्राचार की सीबीआई जांच करवाने के लिए आतुर क्यों ? कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेस में उठाये सवाल

रायपुर : प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रेस कांफ्रेंस ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि- अपनी सरकार में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिये रमन सिंह इतना आतुर है, तो सबसे पहले निशक्तजन घोटाले में अपनी संलिप्तता के लिये छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगे। अफरा-तफरी किये गये राशि को जनता के खजाने में जमा करायें और फिर बयानबाजी करें। रमन सिंह को निशक्तजन घोटाले के विषय में अपनी भूमिका को लेकर जवाब दें।

उन्होंने कहा कि राज्य श्रोत (निशक्तजन) केन्द्र की स्थापना में मुख्यमंत्री के रूप में रमन सिंह ने ही डॉ. सच्चिदानंद जोशी, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सुधीर जैन और दामोदर गणेश वापट का मनोनयन किया था। अब जब दस्तावेज सार्वजनिक हो चुके हैं तो अपनी भूमिका को छिपाने के लिये रमन सिंह बयानबाजी का सहारा ले रहे है। सीबीआई से रमन सिंह में जागे नए अनुराग का रहस्य और अपने ही किये भ्रष्टाचार की जांच को लेकर इतनी आतुरता का कारण सबको पता है।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि जब भूपेश बघेल विपक्ष में थे तो उन्होंने नान घोटाले के मामले में सीबीआई जांच की मांग उठाई थी। न्यायालय में भी कुछ लोगों ने नान घोटाले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए मामले लगाए थे। तब रमन सिंह सरकार ने कोर्ट में नान मामले की सीबीआई जांच का विरोध किया था। 25 मई 2013 को झीरम में कांग्रेस नेताओं की पूरी पीढ़ी की शहादत हुए। शहीद परिवारों ने लगातार सीबीआई जांच की मांग की। स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 को धमतरी की सभा में सत्ता में आने पर जांच की बात कही थी। विधानसभा में सीबीआई जांच की घोषणा करने के बाद भी रमन सिंह सरकार ने सीबीआई जांच नहीं कराई।