स्वास्थ्य मंत्री सुपेबेड़ा पहुंचे : जल्द ही डायलिसिस मशीन चालू करने की घोषणा, खुले दिल से सरकार की खामियों को भी स्वीकारा

फारुख मेमन

गरियाबंद :

स्वास्थ्य मंत्री टी.सिंह देव आज दूसरी बार सुपेबेड़ा पहुंचकर लोगों से स्पष्ट कहा कि निश्चित रूप से हमारी भी कुछ खामियां हैं जिसके चलते आपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाये जो मिलना चाहिए किंतु उन्होंने यह भी कहा सरकार ने अपनी ओर से काफी प्रयास किया है जिसका परिणाम भी अब नजर आने लगा है और ऐसी वे उम्मीद करते हैं कि आने वाले दिनों में और अधिक लोगों को इस बीमारी से राहत मिलेगी जिसके लिए उन्होंने देवभोग में जल्द ही डायलिसिस प्रक्रिया प्रारंभ करने का आश्वासन दिया साथ ही सुपेबेड़ा में एक अच्छे डॉक्टर की पदस्थापना के साथ स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करने की भी बात कही साथ ही इस अवसर पर कुछ अन्य विकास कार्य के लिए भी अन्य घोषणाएं की । सुपेबेडा के लोग  उनके दिए गए आश्वासन पर यकीन भी नहीं कर पा रहे हैं दरअसल 6 माह पूर्व जब यहां पहुंचे थे तब उन्होंने घोषणा किया था कि तेल नदी से सुपेबेड़ा को शुद्ध पानी मिलेगा वहीं अब सुपेबड़ा के लोगों को डायलिसिस के लिए रायपुर नहीं जाना पड़ेगा देवभोग में ही डायलिसिस हो जाएगी किंतु यह दोनों बातें आज भी अधूरी है तेल नदी से जहां पानी नहीं पहुंच पाया है वहीं  डायलिसिस मशीन  देवभोग के अस्पताल में यूं ही पड़ी हुई है जिसे वे स्वयं भी कबूल करते हैं कि जल्द ही उसके संचालन करने वाले डाक्टर यहां भेजा जाएगा कब सुधरेंगे सुपेबेडा के हालात, क्या मिलेगी ग्रामीणों को किडनी की बीमारी से मुक्ति इसका ईन्तजार आज भी वे बडी उम्मीदो से कर रहे हे

किडनी की बीमारी से 70वीं मौत की खबर सुनकर स्वास्थ्य मंत्री टी.सिंह देव आज दूसरी बार सुबह सुबह अचानक सुपेबेडा पहुंचे, उन्होंने ग्रामीणों को कई आश्वासन दिये,गॉव में एक डॉक्टर नियुक्त करने से लेकर शुद्धपेयजल उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया, मरीजों की नियमित जॉच और उनके ईलाज में हर संभव मदद करने का वादा किया, अपनी सादगी के लिए पहचाने जाने वाले टीएस सिंहदेव ये स्वीकार करने में पीछे नही हटे कि कही ना कही गलतियों के कारण सुपेबेडा के ये हालात हुए है जिसे उन्होंने स्वयं स्वीकार किया, मतलब आज स्वास्थ्य मंत्री ने ग्रामीणों के सामने अपने मन की बात रखी और ग्रामीणों की तमाम मांगो पर खरा उतरने का एक बार फिर भरोसा दिलाया।सुपेबेडा वासियों के लिए इस तरह के आश्वासन और दावे कोई नये नही है, पिछले तीन साल से किडनी की बीमारी से जुझ रहे ग्रामीणों को अब तक भारतीय जनता पाटीँ और कग्रेस कई नेता और मंत्री गॉव पहुंचकर पहले भी इस तरह के दावे और भरोसे दिला चुके है, इसलिए ग्रामीणो का सरकार से बिल्कुल भरोसा उठ गया है, ग्रामीण जमीन जेवर बेचकर ओडिसा में ईलाज कराना पंसद करते है मगर मेकाहारा में फ्री में ईलाज कराना नही चाहते दरसल वहां आज भी उन्हें अपनी परेशानी कम होते दिखाई नहीं देता तीन साल पहले गॉव के जो हालात थे सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी आज हालात सुधरने की बजाय बिगडते जा रहे है, ऐसे में स्वास्थ्य के दावे ग्रामीणों पर कितना असर करेंगे ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा मगर फिलहाल स्वास्थ्य मंत्री ने गॉव पहुंचकर ग्रामीणों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम जरुर किया है ग्रामीण आज भी इसलिए परेशान हैं कि उन्हें सरकार यह बताने को तैयार ही नहीं है कि यह बीमारी उन्हें हो क्यों रही है ग्रामीण अपनी बीमारी को लेकर जानना चाहते हैं कि यह क्यों हो रही है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है किंतु इसका जवाब सरकार भी नहीं दे पा रही है सिर्फ पानी का सैंपल ही ले रही है जो अब तक 50 से अधिक बार ले चुकी है स्वास्थ्य मंत्री के खुले दिल और लोगों को स्पष्ट कहने की आदत के चलते इस बार सुपेबेड़ा को लोगों को स्वास्थ्य मंत्री से काफी उम्मीद और आशाएं हैं उनका मानना है कि इस बार उनका कष्टों हरण जरूर होगा