चरणजीत सिंह चन्नी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, अंधविश्‍वास पर रखते हैं यकीन, हाथी की सवारी का किया था टोटका

नई दिल्‍ली: दिसंबर 2017 की एक सर्द सुबह। मोहली के खरार स्थित पंजाब के तत्‍कालीन तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी का आवास। कम्‍पाउंड में एक हाथी को देखकर पड़ोसी हैरान थे। कुछ देर बाद चन्‍नी हाथी की सवारी करते नजर आए। करीबियों ने कहा कि चन्‍नी ने ऐसा किसी ज्‍योतिषी की सलाह पर राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने के लिए किया। हाथी पर सवार चन्‍नी की फोटो तब खूब वायरल हुई थी। वह टोटका काम कर गया, आज चन्‍नी यही सोच रहे होंगे। आखिरकार वह पंजाब के पहले दलित मुख्‍यमंत्री जो बन गए हैं।

वास्‍तु के चक्‍कर में खुदवा दी थी रोड
पंजाब में कांग्रेस की नई-नई सरकार बनी थी। कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद चन्‍नी अलग वजह से सुर्खियों में आए। किसी ने सलाह दी कि चंडीगढ़ के सेक्‍टर दो स्थित आध‍िकारिक आवास में प्रवेश का रास्‍ता पूर्व द‍िशा की तरफ होना चाहिए। चन्‍नी ने सामने की ग्रीन बेल्‍ट को खत्‍म करके अवैध तरीके से सड़क ही बनवा डाली। हालांकि प्रशासन ने कुछ घंटों बाद ही सड़क खोदकर फ‍िर ग्रीन बेल्‍ट तैयार कर दी।

सिक्‍का उछाल कर किया फैसला
2018 में चन्‍नी के सामने एक मामला आया। पॉलिटेक्निक में लेक्‍चर्स की स्‍टेशन अलॉटमेंट के लिए दो उम्‍मीदवार थे। चन्‍नी ने दोनों में से किसकी नियुक्ति करनी है, इसका फैसला सिक्‍का उछाल कर किया था। चन्‍नी की उस हरकत का वीडियो भी वायरल हुआ। कांग्रेस की खूब छीछालेदर हुई। बीजेपी ने तब चन्‍नी का इस्‍तीफा मांगा था।

MeToo में भी आ चुका है चन्‍नी का नाम
उसी साल चन्‍नी एक और मामले में फंसे। इस बार आरोप बेहद संगीन थे। एक महिला आईएएस अधिकारी ने चन्‍नी पर ‘अश्‍लील’ टेक्‍स्‍ट मेसेज भेजने का आरोप लगाया। महिला ने शिकायत की। तीन साल बाद, इसी साल मई में पंजाब महिला आयोग ने चन्‍नी ने राज्‍य सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा। उस वक्‍त पंजाब में तत्‍कालीन सीएम अमरिंदर सिंह और विधायकों के बीच खींचतान चल रही थी।

पंजाब के पहले ‘दलित मुख्‍यमंत्री’
अपने ‘अपमान’ से नाराज होकर इस्‍तीफा देने वाले अमरिंदर की जगह कांग्रेस ने चन्‍नी को चुना। दलित नेता और लगातार तीन बार विधायक रहे चरणजीत सिंह चन्नी को चुनकर कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। चन्‍नी उन विधायकों में से एक हैं जो अमरिंदर की जमकर खिलाफत करते थे। पंजाब में करीब 32 प्रतिशत दलित वोटर हैं, चन्‍नी को सीएम बनाकर कांग्रेस उनपर डोरे डाल रही है। एक संदेश उत्‍तर प्रदेश और उत्‍तराखंड के मतदाताओं को भी देने की कोशिश है। वहां भी अगले साल चुनाव होने हैं।