ये कैसा अंधविश्वास, बारिश के लिए बच्चियों को नंगा कर पूरे गांव में घुमाया, कलेक्टर से आयोग ने मांगा जवाब

दमोह: मध्य प्रदेश में दमोह के आदिवासी बाहुल्य इलाके जबेरा के बनिया गांव में अंधविश्वास के नाम पर अश्लीलता का अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला। सूखे की आशंका झेल रहे गांव वालों ने यहां पर अच्छी बारिश की उम्मीद में छोटी-छोटी बच्चियों को नग्न कर गांव में घुमाया गया। गांव के लोगों की मान्यता है कि ऐसा करने से गांव में अच्छी बारिश होगी। राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने मामले में दमोह के कलेक्टर को नोटिस भेजा है।

ये बच्चियां हाथों में मुसल लिए हुई थीं जिसमें मेढ़की बंधी हुई थी। नग्न अवस्था में घूमते हुए ये बच्चियां खेर माता मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंच कर उन्होंने खेर माता की प्रतिमा को गोबर का लेप किया। गांव की महिलाओं ने बताया कि ऐसा करने से इतनी बारिश होगी कि प्रतिमा पर लगा हुआ गोबर अपने आप धुल जाएगा।

गांव में हुए इस घटनाक्रम के बाद दमोह के एसपी ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। अगर जबरदस्ती इन बच्चियों को घुमाया गया है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने भी इस घटना पर आपत्ति जताई है। आयोग ने कलेक्टर से इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, इसको लेकर जवाबतलब किया है। आयोग ने 10 दिनों के अंदर कलेक्टर से बच्चियों का एज सर्टिफिकेट भी पेश करने को कहा है।

दरअसल, बुंदेलखंड इलाके में इस वर्ष बारिश काफी कम हुई है। लंबे समय से गर्मी ज्यादा पड़ रही है और फसलें सूख रही हैं। हालत यह है कि किसान अपने ही हाथों से खेतों में लगी फसलें नष्ट कर रहे हैं। बारिश के लिए तरह-तरह के टोटके किए जा रहे हैं। लेकिन टोटकों और अंधविश्वास के नाम पर छोटी बच्चियों के साथ ऐसा व्यवहार कहां तक जायज है।

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